Table of Contents

बच्चों को इंटरनेट जैसी ऑनलाइन गेम या वीडियो की लत से कैसे छुटकारा दिलाएं?

बच्चों को इंटरनेट जैसी ऑनलाइन गेम या वीडियो की लत से कैसे छुटकारा दिलाएं?

हमने बच्चों के बारे में उनके विचारों के बारे में बहुत कुछ कहा भी और समझा भी हमें ध्यान इस बात पर देना है कि हमें बच्चों को कैसे संभालना है उनको गलत आदतों से कैसे पीछा छुड़ाना है आज हम इसी टॉपिक पर बात करेंगे टॉपिक्स कोई भी हो हमें बच्चों के ऊपर ध्यान देना या उन पर ध्यान केंद्रित करना बहुत जरूरी होता है आपको पता होगा कि सोशल साइट्स पर बच्चे इस कदर घुल मिल गए हैं जैसे उनका सच्चा साथी फोन ही है कुछ समय के अंतराल के बाद भी बच्चे सबसे पहले किसे ढूंढते हैं फोन को और भूख प्यास दर्द तकलीफ सब मिट जाती है जब फोन उनके हाथ में होता है|

आप खुद ही समझ सकते हैं कि कितना खतरनाक है फोन हमारी बच्चों के लिए वह फोन पर भले ही गेम या वीडियो गेम(video game) क्यों ना चलाते हो पर इसकी लत बहुत गहरी होती है बच्चे अक्सर उन चीजों के प्रति ज्यादा आकर्षक होते हैं जो उनको मना किया जाता है या रोकने का प्रयास किया जाता है आप स्वयं देखे होंगे कि चाहे बड़े हो या छोटे हो हम जिस कार्य को करने के लिए मना करेंगे बच्चे या बड़े उसी कार्य में ज्यादा इंवॉल्व(Evolve) होने की कोशिश करेंगे|

 अक्सर आप सभी ने अपने बच्चों को देखा होगा कि वह किसी न किसी चीजों के प्रति ज्यादा एडिक्ट  हो जाते हैं  चाहे टॉफी हो या बिस्किट हो या खाने का कोई पदार्थ हो या प्रयोग में लाने वाली कोई भी वस्तु या घूमने के लिए ही क्यों ना हो अक्सर आप देखते होंगे कि बच्चे किसी न किसी चीज के लिए लती जरूर होते हैं|

जैसे:-

चाक खाना

सफेदी खाना 

पेट्रोल की खुशबू लेना

केरोसिन के ढक्कन को खोलकर सुघंना 

गीली मिट्टी की खुशबू 

ज्यादा चॉकलेट खाने की लत

आदि 

या ऐसे कह ले घर में रहकर इंटरनेट या  मोबाइल के प्रति ज्यादा आकर्षित हो जाते हैं तो आप सभी को पता है कि लत लगना किसी भी वस्तु या चीजों की अच्छी बात नहीं होती|

( मैंने पहले भी कहा है कि बच्चे खाली बॉक्स की तरह होते हैं जो करोगे वैसा भरोगे यह आपकी मर्जी है परंतु आप जैसा रखोगे बच्चे वैसा ही रहेंगे अच्छा डालोगी तो अच्छी गुण बुरा डालोगे तो बुरा गुण उनकी अंदर रहेगा।)

छोटे सर्वे के अनुसार पता चलता है कि ज्यादा फोन या इंटरनेट वीडियो गेम चलाने से बच्चों का मस्तिष्क या सोचने समझने की क्षमता कम हो जाती है|

उनके मस्तिष्क का आइक्यू लेवल( IQ Level) कम हो जाता है उनकी सोचने व समझने की शक्ति कम हो जाती है उनका किसी भी कार्य करने में मन नहीं लगता है ऐसे कई हमें प्रॉब्लम्स(Problems) देखने को मिलती हैं|

क्या आप चाहेंगे कि आपके बच्चे ऐसे कम समझदार बने नहीं ना तो जाग जाइए और बच्चों को इन्हीं लत से रोकीये | हमें पता है की आज कल बच्चे बहुत जिद्दी होता है उनकी जिद के आगे या जो आज दौर चल रहा है जो समय चल रहा है उन सब के आगे माता-पिता कुछ भी करने में असमर्थ होते हैं पर आपको थोड़ी और मेहनत करनी होगी और अपने बच्चों की भविष्य के लिए थोड़ा सा मेहनत कर उन्हें इन लत से छुटकारा दिलाए|

 माता-पिता ऐसे होते हैं जो दिन भर की थकान हो जाने के कारण अपने आराम के लिए कुछ ही समय के लिए वह अपने फोन को दे देते हैं और बच्चे फोन पाकर आराम से मस्त होकर पूरा समय फोन में घुसे रहते हैं कुछ समय का आराम पाने के लिए आप बच्चों के भविष्य के साथ खेल रहे है|

( आपको और उन्हें यह नहीं पता कि फोन एक ऐसा अंधेरा कुआं है जिसमें बच्चों का भविष्य दांव पर लग रहा है उन्हें फोन के आगे कुछ भी नहीं दिखता।)

आप सभी माता-पिता से निवेदन है कि अपने बच्चों को ऐसी कुआं में ना डालें इससे उनका भविष्य कालकोठरी की जैसा कैद हो जाए सतर्क रहें सावधान रहें इंटरनेट अच्छी चीज है पर तभी तक जब इसका उपयोग अच्छे कामों के लिए उपयोग किया जाए इसका दुरुपयोग नहीं हो अगर दुरुपयोग हुआ तो सभी तरफ से हमारी जिंदगी तबाह हो जाएगी फोन की कालकोठरी के चक्कर में|

 (एक समय ऐसा था जब फोन को लंबी तारों से जकड़ कर रखा जाता था आज का जो समय चल रहा है उसमें फोन ने हम सभी को हमारे मस्तिष्क पर कब्जा कर कर बैठा हुआ है यही समय चल रहा है इन सभी कारणों से हमें बंधे रहते हैं जिसके कारण हमारा मस्तिष्क बंधा हुआ है ना हम भूत का सोच पाते हैं ना भविष्य का समझ पाते हैं और न वर्तमान में जो हो रहा है उसमें हमारा मन नहीं लगता)|

 हमार उद्देश्य बस यही है कि सभी लोगों तक सही बातें और साधारण ज्ञान पहुंच इनसे किसी की बातों का उल्लंघन करना नहीं है आज के वैज्ञानिक दौर में बहुत ज्यादा विज्ञान आगे बढ़ चुका है जिसकी कल्पना करना बेहद मुश्किल होगी हर समय विज्ञान नई वस्तु नई चीजों को हमारे समकक्ष प्रस्तुत करता है जो हमारे काम को आसान तो बनाता है परंतु उन आसानी उसे हम आराम ग्रस्त हो जाते हैं वह हमारे शरीर की थकान को दूर करता है परंतु हमारे मस्तिष्क को अपने टेक्नोलॉजी(Technology) के जंजाल में बांध देता है हमारी चेतना शुन्य हो जाती है हम ना शारीरिक रूप से मजबूत हो पाते हैं और ना ही मानसिक रूप से और इन सबके चलते हमारा मन किसी कार्य में भी नहीं लगता हम सभी अपने आप को असहाय महसूस करने लगते हैं और यही स्थिति हमारे छोटे बच्चों में भी हो जाती है कि जब वह फोन चलाते  है ज्यादा वीडियो गेम देखते हैं तो ज्यादा से ज्यादा समय फोन में बिठाने के चक्कर में उनका दिमाग काम करना बंद कर देता है खुद को फोन में इतना शामिल कर लेते हैं या इंवॉल्व(Involve) कर लेते हैं क्यों नहीं पता ही नहीं चलता कि वह क्या खो रहे हैं और कितना समय अपना बर्बाद कर रहे हैं स्वयं का नुकसान कर बैठते हैं|

इसी का प्रभाव उनके खाने पर भी दिखता है कि वह खाना सही समय पर नहीं खाते और ना ही सही समय पोषण नहीं मिल पाता है क्योंकि पोषण वाली वस्तुएं उन्हें पसंद नहीं आती है वह हेल्दी खाना खाना पसंद नहीं करते बल्कि आज के समय में चल रहा है फास्ट फूड(Fast food) ऑन हेल्थी डिश(On Healthy Dish) को ज्यादा महत्व देते हैं|

इसी वजह से उनके शरीर में न्यूट्रिशंस(Nutritions) की कमी होने लगती है तरह-तरह की कई बीमारियां उनके शरीर में ऐसे चिपक जाते हैं जैसे मानो गुड में चिटी बच्चों के अंदर इन्हीं सब कारणों की वजह से बेहद चिड़चिड़ा पन महसूस करने लगते हैं उनके स्वभाव में परिवर्तन आने लगता है उनका मन पढ़ाई या अन्य किसी कार्य में नहीं लगता और इसी को कहते हैं लत लग जाना या किसी चीजों का एडिक्ट हो जाना बहुत गलत बात है अपनी जिंदगी का आधा हिस्सा इंटरनेट जैसी अंधेरे कालकोठरी को दे देते हैं अगर उनमें कुछ अच्छी चीजें देखें तो ठीक अन्यथा उनका भविष्य अच्छा नहीं होगा अच्छी चीज देखे तो कुछ अच्छा सीख पाएंगे परंतु अगर बुरी चीज उनकी नजर के सामने आ गई तो सोचे क्या होगा क्राइम(Crime) के आगे बढ़ते चले जाएंगे आप सभी को चाहिए कि बच्चों को इन सब लत वाली चीजों से उनका छुटकारा दिलाएं क्योंकि बच्चों का दिमाग एकदम साफ सुथरा होता है आप जो चाहे उन्हें बता सकते हैं और समझा भी सकते हैं आप उनके अंदर जो डालेंगे वही वह समझेंगे और देखेंगे भी तो क्यों ना हम उनकी अंदर अच्छी चीजें डालें आप उनको कुछ भी सिखाए अगर आप उन्हें कुछ भी सिखाए तो बहुत जल्दी आत्मसात कर लेते हैं तो क्यों ना हम उन्हें अच्छी चीजें दिखाएं अच्छी चीजें बताएं और अच्छे से समझाएं|

कुछ तरीके हैं जिससे थोड़ा फायदा मिलेगा

  •  हमें बच्चों के बारे में समझना चाहिए हमारा बच्चा ही क्यों ना हो हमें उसे समझने में गलती नहीं करनी चाहिए|
  •  बच्चे अगर फोन के लिए जिद कर रहे हैं तो उनका मनोस्थिति मनोभाव को समझे अगर कोशिश कर सकते हैं तो उन्हें फुसलाने का कार्य करें अगर आप चाहें तो उनका ध्यान भटका भी सकते हैं।
  •  आप बच्चों को ज्यादा से ज्यादा समय व्यस्त रख सकती हैं जैसे कि खिलौने या पेंटिंग कराना या ऐसा वर्कशीट तैयार कर लें कि बच्चों का मन उसमें लग जाए और उनके मन के अनुसार हो उनका मन भटकने से आप रोक सकती हैं और स्थिर रूप से उनके कार्य को सहयोग दें|
  • अगर आपका बच्चा फोन के लिए बहुत जिद्द् करता है तो फोन चलाने का एक लिमिटेशंस तैयार कर लीजिए एक दायरे में बांध दीजिए कि एक घंटा तुम फोन चलाओगे|
  •  उनके मस्तिष्क को सेट करना सीखें और उन्हें समय अवधि में बांधे और फिर कहूंगी की नई चीजें बच्चों के लिए हमेशा ढूंढते रहे उनके अनुसार|
  •  हमें कुछ अपना और कुछ उनके मन को साथ लेकर चलना होता है जिससे उनके मन में मनोविकार उत्पन्न ना हो और हमारी बात को वह सहजता से सुने और समझे बच्चे थोड़े लालची किस्म के होते है उन्हें लालच देकर कोई भी कार्य पड़े आसानी से करा सकते हैं|

धन्यवाद अगर आपको यह तरीका अच्छा लगे तो जरूर अपने बच्चों पर आजमाएं और उन्हें फोन से दूर रखें क्योंकि यह बच्चों के भविष्य की बात है|